ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 20 मई को प्रदेशव्यापी मेडिकल दुकानें बंद, चेंबर ऑफ कॉमर्स ने दिया समर्थन

Opposition to Online Medicine Sales in Raipur: रायपुर। ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में छत्तीसगढ़ में 20 मई को प्रदेशभर की दवा दुकानें बंद रहेंगी। इस प्रदेशव्यापी बंद को चेंबर ऑफ कॉमर्स ने समर्थन दे दिया है। दवा व्यापारियों का आरोप है कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां नियमों को ताक पर रखकर कारोबार कर रही हैं, जिससे न केवल पारंपरिक दवा व्यापार प्रभावित हो रहा है बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा बढ़ रहा है।
दवा संगठनों ने किया बंद का आह्वान
डिस्ट्रिक्ट ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय कृपलानी और कंफेडरेशन ऑफ फार्मा डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वासुदेव जोतवानी ने चेंबर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी और अन्य पदाधिकारियों से मुलाकात कर इस बंद को समर्थन देने की अपील की, जिसे चेंबर ने स्वीकार कर लिया।
चेंबर ऑफ कॉमर्स ने जताई एकजुटता
चेंबर कार्यकारी अध्यक्ष राधा किशन सुंदरानी ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां भारी छूट देकर बाजार के संतुलन को बिगाड़ रही हैं, जो व्यापारिक नियमों के खिलाफ है। चेंबर ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए व्यापारियों के आंदोलन को नैतिक समर्थन देने की घोषणा की है।
नकली और प्रतिबंधित दवाओं के आरोप
कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वासवानी ने चिंता जताते हुए कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर नकली दवाओं की बिक्री और प्रतिबंधित दवाओं की आसान उपलब्धता गंभीर समस्या बन चुकी है। कई दवाएं बिना डॉक्टर के पर्चे के भी बेची जा रही हैं, जो कानून का उल्लंघन है और जनता के स्वास्थ्य के लिए खतरा है।
युवाओं में दुरुपयोग की आशंका
कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सलूजा ने कहा कि अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री से न केवल पारंपरिक व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि नशे और प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग की आशंका भी बढ़ रही है। उन्होंने इसे समाज के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।
केवल अस्पतालों की मेडिकल दुकानें रहेंगी खुली
दवा संगठनों ने स्पष्ट किया है कि 20 मई के बंद के दौरान केवल अस्पताल परिसरों के अंदर स्थित मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अलावा सभी स्वतंत्र थोक और रिटेल दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी।
सरकार और प्रशासन से कार्रवाई की मांग
चेंबर और दवा संगठनों ने सरकार और प्रशासन से ऑनलाइन फार्मेसी पर सख्त नियम लागू करने और अवैध बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल व्यापारियों के हित में नहीं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।




