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Ram Mandir Dhwajarohan 2025: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण, जानिए क्या है इसकी खासियत

Ram Mandir Dhwajarohan 2025: आइए जानते हैं कि पीएम मोदी अयोध्या के राम मंदिर के शिखर पर जो ध्वज फहराएंगे उसकी खासियत क्या है।

Ram Mandir Dhwajarohan 2025: विवाह पंचमी के अवसर पर प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या चमक-दमक रही है। एक तरफ भगवान राम के विवाह का उत्सव है तो वहीं आज अभिजित मुहूर्त में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण की तैयारी की जा रही है। अयोध्या में धर्म ध्वज स्थापना समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हो रहे हैं। वह आज मंगलवार को अयोध्या का दौरा करेंगे और श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे। जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी धार्मिक ध्वजा फहरा कर हिंदू अनुष्ठान संपन्न करेंगे। शास्त्रीय परंपरा में ध्वज आरोहण को अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना गया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि पीएम मोदी अयोध्या के राम मंदिर के शिखर पर जो ध्वज फहराएंगे उसकी खासियत क्या है।

क्या है ध्वज की खासियत?

PMO की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर जो भगवा ध्वज फहराया जाएगा वह समकोण त्रिभुजाकार है। इस ध्वज की ऊंचाई 10 फुट और लंबाई 20 फुट की है। ध्वज के एक दीप्तिमान सूर्य की तस्वीर है जो भगवान राम के तेज और वीरता का प्रतीक है। ध्वज के ऊपर ‘ॐ’ अंकित है और कोविदार वृक्ष की तस्वीर भी है। PMO ने कहा है कि पवित्र भगवा ध्वज गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देगा और राम राज्य के आदर्शों का प्रतीक होगा। विशेष भगवा ध्वज पैराशूट फैब्रिक और रेशमी धागों से बना है और इसे 161 फुट ऊंचे शिखर पर 42 फुट ऊंचे खंभे पर लगाया जाएगा। वाल्मीकि रामायण के वर्णन से प्रेरित यह त्रिकोणीय ध्वज भगवान राम की दिव्यता, शक्ति और शाश्वत भावना का प्रतीक होगा।

झंडा पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर आर्किटेक्चरल स्टाइल में बने शिखर पर फहराया जाएगा, जबकि मंदिर के चारों ओर बना 800 मीटर का परकोटा (दक्षिण भारतीय आर्किटेक्चरल परंपरा में डिज़ाइन किया गया घेरा) मंदिर की आर्किटेक्चरल विविधता को दिखाता है।

क्या होगा पीएम मोदी का शेड्यूल?

जानकारी के मुताबिक, धर्म ध्वजारोहण महोत्सव में शामिल होने के लिए पीएम मोदी सुबह 10 बजे अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। यहां से पीएम मोदी हेलिकॉप्टर के जरिए साकेत महाविद्यालय पहुंचे। यहां से प्रधानमंत्री रोड शो करते हुए राम मंदिर के शंकराचार्य प्रवेश द्वार तक जाएंगे। करीब ढ़ाई किलोमीटर लंबे इस रूट पर अवध विश्वविद्यालय और साकेत महाविद्यालय के करीब 1000 स्टूडेंट दोनों ओर खड़े होकर पुष्प वर्षा करेंगे। राम मंदिर में पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री सबसे पहले सप्त मंदिरों में पूजा अर्चना करेंगे। इसके बाद पीएम शेषावतार मंदिर जाएंगेष सुबह 11 बजे के माता अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके बाद राम दरबार के गर्भगृह में पूजा-अर्चना करेंगे और में राम मंदिर के शिखर पर रिमोट से धर्म ध्वजा फहराएंगे।

पूरे अयोध्या में कड़ी है सुरक्षा

अयोध्या में  पीएम मोदी के स्वागत के लिए 7 स्थानों पर मंच तैयार किए गए हैं जिस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। जिस रूट से पीएम मोदी का काफिला गुजरेगा, उसे गेंदे के फूलों से सजाया गया है। प्रधानमंत्री अयोध्या में 5 लेयर के सुरक्षा घेरे में रहेंगे। सुरक्षा को लेकर 15 किलोमीटर दायरे में पुलिस-प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेटों के साथ एटीएस, एसटीएफ, स्वाट कमांडो और पैरामिलिट्री फ़ोर्स के जवानों को तैनात किया गया है। जानकारी के मुताबिक, इस कार्यक्रम के लिए करीब 7 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

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