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प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन, देश की महिलाओं से मांगी माफी, महिला आरक्षण मुद्दे पर विपक्ष को घेरा

PM Modi Address Women Reservation: महिला आरक्षण के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने इस अहम मुद्दे पर अपना पक्ष रखा।

PM Modi Address Women Reservation: नई दिल्ली। महिला आरक्षण के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने इस अहम मुद्दे पर अपना पक्ष रखा। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण, उनकी सियासत में भागीदारी और विपक्ष के महिला आरक्षण बिल के समर्थन ना करने का जिक्र किया। साथ ही, पीएम मोदी ने कहा कि सही वक्त का इंतजार कीजिए, आधी आबादी को उनका हक दिलाने का संकल्प जरूर पूरा होगा। जानें प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में क्या-क्या कहा।

बिल नहीं पास होने पर PM मोदी ने मांगी माफी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज मैं अपनी बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं। आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया। मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं।’

विपक्ष ने नारी हित का प्रस्ताव गिरा दिया- PM मोदी

PM मोदी ने कहा कि विपक्ष ने नारी हित का प्रस्ताव गिरा दिया। विपक्ष ने महिलाओं के सपनों को कुचल दिया। मैं देश की महिलाओं से माफी मांगता हूं। नारी सबकुछ भूल जाती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं भूलती है। विपक्ष को मैं कहना चाहता हूं कि 21वीं सदी की नारी हर घटना पर नजर रख रही है और सच्चाई भी भली-भांति जान रही है।

विपक्ष की स्वार्थ की राजनीति का नुकसान महिलाओं को हुआ

PM मोदी ने आगे कहा, ‘हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है। लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दलहित सब कुछ हो जाता है, दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को, देशहित को, इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।’

कांग्रेस, सपा और TMC को सजा जरूर मिलेगी

प्रधानमंत्री मोदी बोले कि इस बिल से उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम सभी राज्यों को शक्ति मिलती। कांग्रेस, सपा और टीएमसी को सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने महिला आरक्षण बिल को समर्थन नहीं देकर पाप किया है। ये देश की नारी शक्ति के अपराधी हैं। महिला आरक्षण समय की मांग है। हमारे ईमानदार प्रयास की विपक्ष ने भ्रूण हत्या कर दी।

कांग्रेस, सपा और TMC ने महिलाओं के आत्मसम्मान पर की चोट

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया, वो केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वो नारी के स्वाभिमान पर, उसके आत्मसम्मान पर चोट थी।

नारी कभी नहीं भूलती अपना अपमान

पीएम मोदी बोले, ‘नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। संसद में नारीशक्ति वंदन संशोधन का जिन भी दलों ने विरोध किया है, वे लोग नारी शक्ति को For Granted ले रहे हैं।’

कांग्रेस ने परिसीमन को लेकर झूठ फैलाया

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परिसीमन को लेकर कांग्रेस ने झूठ फैलाया। परिसीमन होता तो सभी राज्यों की सीटें एक अनुपात में बढ़तीं। वहीं, समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण विरोधी पार्टी है। सपा ने राममनोहर लोहिया को भुला दिया है। सपा ने लोहिया के सपनों को अपने पैरों तले रौंद दिया। साथ ही, कांग्रेस एंटी-रिफॉर्म पार्टी है। कांग्रेस निगेटिव पॉलिटिक्स करती है।

देश हित के हर फैसले का विरोध करती है कांग्रेस

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस देश हित के हर फैसले का विरोध करती है। कांग्रेस सभी तरह के रिफॉर्म पर झूठ और भ्रम फैलाती है। रिफॉर्म का नाम सुनते ही कांग्रेस विरोध की तख्ती लेकर दौड़ पड़ती है। कांग्रेस देश को मजबूत करने में बाधा है। कांग्रेस के हर छल और प्रपंच का खामियाजा देश की पीढ़ियों ने भुगता है। यह लड़ाई सिर्फ एक बिल की नहीं, बल्कि कांग्रेस की एंटी-रिफॉर्म मानसिकता के खिलाफ है।

हमने ईमानदारी से आधी आबादी को हक देना का प्रयास किया

पीएम मोदी ने कहा कि 40 साल से लटके हुए नारी के हक को, 2029 से अगले लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था। नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की नारी को नए मौके देने, नई उड़ान देने और उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञ था। देश की 50 प्रतिशत यानी, आधी आबादी को उसका अधिकार देने का साफ नीयत के साथ, ईमानदारी के साथ किया गया  एक पवित्र पर्व था।

नारीशक्ति वंदन अधिनियम के विरोध की एक बड़ी वजह है- इन परिवारवादी पार्टियों का डर!अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, तो इन परिवारवादी पार्टियों का नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा। ये कभी नहीं चाहेंगे कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें।

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