मध्‍यप्रदेश

प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकास के मॉडल पर हो रहा मध्यप्रदेश में क्रियान्वयन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव!

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उद्योगों और अन्य क्षेत्रों में तीव्र विकास हो रहा है। उद्योगपति सरकारों और समाज के लिए सहयोगी हैं। वे लाखों परिवारों को रोटी, कपड़ा और मकान उपलब्ध करवाते हैं। उद्योगपतियों के योगदान को सम्मान देने के लिए समाचार संस्थान ने इंडस्ट्री एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान कर सराहनीय कार्य किया है। अवार्ड सेरेमनी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग जगत द्वारा सम्मान किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में विकास के विक्रेंद्रीकृत मॉडल को अपनाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में अच्छे परिणाम लाने के लिये बेहतर वातावरण निर्मित हुआ है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना और इनके माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगपति आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने में आज पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी को विभिन्न राष्ट्रों से जो सम्मान मिल रहा है, वह अद्वितीय हैं। रूस और यूक्रेन भले ही परस्पर लड़ते रहे, लेकिन दोनों देशों ने प्रधानमंत्री मोदी के आग्रह को मानते हुए भारत और अन्य देशों के विद्यार्थियों को संकट से निकालने में सहयोग दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों से राष्ट्र की प्रगति का कार्य हो रहा है। सरकारों का कार्य सिर्फ कानून व्यवस्था संभालना और बिजली, पानी की व्यवस्था करना नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों के साथ विकास और परमार्थ के कार्यों को प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जीआईएस का आयोजन अत्यंत सफल रहा। जीआईएस से सकारात्मक वातावरण बना। प्रदेश की लगभग 9 करोड़ आबादी की बेहतरी के लिए राज्य सरकार प्रोत्साहनकारी भूमिका का निर्वहन कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते साल हमने 5 हजार 260 करोड़ की उद्योग निवेश सब्सिडी राशि पूरी पारदर्शिता के साथ डीबीटी के जरिए निवेशकों के खातों में हस्तांतरित की। अब गत वर्ष का कोई भुगतान लंबित नहीं है। वृहद और छोटे उद्योग सभी लाभान्वित हुए हैं। राज्य सरकार ने वचनबद्धतापूर्वक यह कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस सिर्फ एक इवेंट नहीं था, बल्कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक आयोजन भी था।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग हितैषी नीतियों को लागू करने, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफलतम आयोजन के माध्यम से 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर क्रियान्वयन और नवाचारों से सुशासन आधारित व्यवस्था को मजबूत बनाने पर उद्योग जगत की ओर से अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह और आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में सीओओ श्री सुमित मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नेतृत्व ऐसा है जो असंभव कार्यों को संभव बनाता है। प्रदेश में ईज ऑफ डूईंग बिजनेस और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता लागू कर उद्योगपतियों को आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश में सहयोगी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय स्टेट बैंक के चीफ जनरल मैनेजर श्री चंद्रशेखर शर्मा को सम्मानित करने के अलावा जिन उद्योगपतियों को इंडस्ट्री एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान किए उनमें एचईजी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री मनीष गुलाटी, आयनेक्स के श्री अनिल खेमसारा, दावत राइस के श्री राजेंद्र, प्रिज्म सीमेंट के श्री राजेंद्र संचेती, बालाजी पैकेजिंग ग्रुप के विकास मूंदड़ा, महाकौशल शुगर एंड पॉवर इंडस्ट्री के श्री नवाब राजा, उदीप सोशल वेलफेयर ग्रुप की सुश्री पूनम श्रोती, गोयल पैंट के श्री श्याम वैभव गोयल, आईसीसी इंफ्रा के श्री आरिफ जाफरा मंसूरी, आनंदन इंडस्ट्री के श्री अशोक आनंद, एमके इंडस्ट्रीज के श्री मनोज जैन, समरकूल इलेक्ट्रिकल्स एंड होम अप्लायंस के श्री आशुतोष तनुज गुप्ता, आरआरजी इलेक्ट्रिकल के श्री रंगाराव, भंवरदीप कॉपर के श्री आदित्य आकाश बाफना, जेके स्टोन के श्री जितेन्द्र जैन, सुश्री आभा जैन, बालाजी कार्पोरेशन के श्री त्रिलोकी अग्रवाल, स्कायलार्क प्रोटीन्स के श्री जितेंद्र, नरेंद्र ट्रेडिंग कंपनी के श्री प्रमोद वर्मा, अलीशा फूड्स लिमिटेड के श्री एहसान, तिरूपति इंफ्रा के श्री दिलीप परयानी, ओटा इलेक्ट्रिकल सर्जिकल इक्विपमेंट के श्री भूपेंद्र, श्री संजय प्रसाद अग्रवाल, श्री पुनीत खुराना, श्री संदीप पाटीदार, श्री सुनील लड्ढा, श्री विशाल अनिल जोशी, श्री मनीष शाह शामिल हैं।

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