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Akshaya Tritiya 2026: सोना बना ‘सुपरहिट’ निवेश, एक साल में 60% रिटर्न से निवेशक मालामाल

Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना भारतीय परंपरा का अहम हिस्सा रहा है। लेकिन इस बार सोना सिर्फ आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि निवेश का सुपरहिट ऑप्शन बनकर सामने आया है। पिछले एक साल में सोने ने ऐसा रिटर्न दिया है, जिसने निवेशकों को चौंका दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल अक्षय तृतीया (30 अप्रैल 2025) पर 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹99,500 प्रति 10 ग्राम था। वहीं इस साल अक्षय तृतीया से पहले यह बढ़कर ₹1,57,800 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। यानी सिर्फ एक साल में सोने ने करीब ₹58,000 से ज्यादा की छलांग लगाई और लगभग 60% का रिटर्न दिया।

12 साल में पांच गुना बढ़ी कीमत
अगर लॉन्ग टर्म की बात करें तो सोने का प्रदर्शन और भी शानदार रहा है। साल 2014 में अक्षय तृतीया के समय सोने की कीमत करीब ₹30,000 प्रति 10 ग्राम थी। अब यह बढ़कर ₹1.5 लाख से ज्यादा हो चुकी है। यानी 12 साल में सोने ने निवेशकों का पैसा पांच गुना से ज्यादा कर दिया।

बीच-बीच में आई गिरावट भी
हालांकि, इस एक साल के दौरान सोने की कीमतों में सिर्फ तेजी ही नहीं रही। मार्च 2026 के आसपास सोने का भाव गिरकर करीब ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम तक आ गया था। लेकिन इसके बाद फिर से तेजी लौटी और कीमतें रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गईं।

क्यों बढ़ी सोने की कीमत?
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में उछाल के पीछे कई बड़े कारण हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर में उतार-चढ़ाव और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीदारी ने सोने को सुरक्षित निवेश बना दिया, जिससे इसकी मांग बढ़ी और कीमतें चढ़ती चली गईं।

आगे भी जारी रह सकती है तेजी
आने वाले समय को लेकर भी संकेत पॉजिटिव हैं। अगर वैश्विक तनाव और महंगाई बनी रहती है, तो सोने की कीमतों को और सहारा मिल सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमत 5300 से 5500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं भारत में अगले एक साल में सोना ₹1,70,000 से ₹1,85,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
सोने ने एक बार फिर साबित किया है कि अनिश्चितता के समय में यह सबसे भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट ऑप्शन में से एक है। हालांकि, एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि निवेश करते समय बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए बैलेंस स्ट्रैटेजी अपनानी चाहिए।

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