भोपाल। मध्यप्रदेश में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर परिसर में श्री महाकाल लोक विकसित होने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है। मध्यप्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं के विकास और तीर्थाटन को प्रोत्साहित करने के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बिहार के बोधगया प्रवास के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में श्री महाकाल लोक के विकास से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए धार्मिक स्थलों पर बेहतर सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में प्रबंधन और सुविधाओं के विकास के लिए लगातार काम हो रहा है।
बोधगया बौद्ध धर्म के अनुयायियों का प्रमुख श्रद्धा स्थल
मुख्यमंत्री ने कहा कि बोधगया बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। सनातन धर्म में पितरों के सम्मान का विशेष महत्व है। इसी कारण गया आने वाले कई श्रद्धालु बोधगया में भी दर्शन और भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार बौद्ध धर्म से जुड़े स्थलों के आवश्यक विकास के लिए भी प्रयास कर रही है।
सम्राट अशोक से जुड़ा है मध्यप्रदेश और बिहार का ऐतिहासिक संबंध
डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश और बिहार के प्राचीन संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि सम्राट अशोक का मध्यप्रदेश से गहरा जुड़ाव रहा है। लगभग 2200 वर्ष पहले सम्राट अशोक पाटलिपुत्र में सत्तारूढ़ थे। इससे पहले वे अवंती महाजनपद के प्रशासनिक प्रमुख रहे, जिसकी राजधानी उज्जैन थी। सम्राट अशोक के पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा का बचपन भी उज्जैन में बीता था।
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र सांब का उल्लेख करते हुए कहा कि उनसे जुड़ी धार्मिक परंपराएं भी बिहार के विभिन्न स्थानों से संबंध रखती हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और बिहार के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध लंबे समय से रहे हैं।
बनारस और सोमनाथ सहित धार्मिक स्थलों पर बढ़ रहीं सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर सहित देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों, जैसे बनारस और सोमनाथ में भी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इससे तीर्थाटन का महत्व बढ़ रहा है और श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के नए अवसर मिल रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्यों के बीच बढ़ रहा सहयोग
डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास के साथ-साथ राज्यों के बीच परस्पर संबंधों और सौहार्द्र को भी बढ़ावा मिला है। विभिन्न राज्य धार्मिक पर्यटन और अन्य व्यवस्थाओं का एक-दूसरे के अनुभवों के आधार पर अध्ययन कर अपने यहां बेहतर सुविधाएं विकसित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सभी राज्य विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं।
