MP Weather News: भोपाल। मध्यप्रदेश में 18 सितंबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र के 17 सितंबर को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी और पूर्वी मध्यप्रदेश के लिए 18 सितंबर को कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है, हालांकि स्थानीय स्तर पर बादल, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं।
भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
राजधानी भोपाल में 18 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और बारिश या गरज-चमक की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई गई है।
इंदौर में भी बदलेगा मौसम
इंदौर में भी 18 सितंबर को आंशिक बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना बनी हुई है। यहां अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 19 और 20 सितंबर को भी गरज-चमक वाली गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
पश्चिमी मध्यप्रदेश में स्थानीय बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी मध्यप्रदेश में 18 सितंबर को कोई विशेष चेतावनी नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर मौसम सक्रिय रह सकता है। भोपाल, इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।
पूर्वी मध्यप्रदेश में भी मौसम रहेगा बदलता
पूर्वी मध्यप्रदेश के लिए भी 18 सितंबर को मौसम विभाग ने कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि मानसूनी गतिविधियों के कारण कुछ स्थानों पर बादल और स्थानीय बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग के 17 सितंबर के बुलेटिन में 18 से 21 सितंबर तक दोनों मौसम संभागों के लिए कोई चेतावनी दर्ज नहीं है।
20 सितंबर तक गरज-चमक की संभावना
भोपाल और इंदौर के स्थानीय पूर्वानुमान में 18 से 20 सितंबर तक आंशिक बादल, बारिश या गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। इसके बाद 21 सितंबर से भोपाल में मुख्यतः साफ मौसम का अनुमान है, जबकि इंदौर में 21 सितंबर तक गरज-चमक की संभावना दिखाई गई है।
इन जिलों में रखें मौसम पर नजर
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, रतलाम, मंदसौर, नीमच और आसपास के मालवा क्षेत्र में 18 सितंबर को मौसम में स्थानीय बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में गरज-चमक और तेज हवा के साथ कहीं-कहीं बारिश की स्थिति बन सकती है।
किसानों और लोगों को सावधानी की सलाह
गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ या अन्य असुरक्षित स्थानों पर खड़े होने से बचना उचित है। किसानों को भी मौसम की स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। खासतौर पर बिजली चमकने के दौरान खुले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से रुकने से बचें।
