MP Weather Report: भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। 11 सितंबर को कई इलाकों में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली चमकने की संभावना है।
12 सितंबर को बढ़ सकता है बारिश का जोर
मौसम विभाग ने पश्चिमी मध्यप्रदेश में 11 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं 12 सितंबर को पश्चिमी हिस्से में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में भी 11 और 12 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद 13 सितंबर को पश्चिमी मध्यप्रदेश में फिर भारी बारिश के आसार हैं। 13 और 14 सितंबर को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
भोपाल-इंदौर समेत कई हिस्सों में बदलेगा मौसम
प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, रतलाम, मंदसौर, नीमच, सीहोर, रायसेन, विदिशा और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। वहीं पूर्वी मध्यप्रदेश में जबलपुर, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली सहित आसपास के जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर
बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने 11 से 14 सितंबर के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी-तूफान और बिजली चमकने की संभावना जताई है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की जरूरत है।
मानसून की गतिविधियों में उतार-चढ़ाव जारी
IMD के अनुसार मध्यप्रदेश में मानसूनी गतिविधियों का असर लगातार बदल रहा है। इससे पहले उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। अब सितंबर के दूसरे सप्ताह में फिर बारिश का दौर मजबूत होने के संकेत मिल रहे हैं। खासकर 11 और 12 सितंबर को पूर्वी मध्यप्रदेश तथा पश्चिमी मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का जोर देखने को मिल सकता है।
किसानों के लिए भी अहम है मौसम का अपडेट
बारिश का यह दौर खरीफ फसलों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि जिन इलाकों में पहले से पर्याप्त बारिश हो चुकी है, वहां तेज बारिश होने पर खेतों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है।
मौसम विभाग की सलाह
बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। मौसम में अचानक बदलाव की स्थिति में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के ताजा अलर्ट पर नजर रखना जरूरी है।
