इंदौर। राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर दौरे से पहले मध्यप्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीजेपी सरकार पर युवाओं के रोजगार, ओबीसी आरक्षण, महंगाई और इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी मामले को लेकर जमकर निशाना साधा। सिंघार ने सरकार से कई तीखे सवाल पूछते हुए इन मुद्दों पर जवाब मांगा।
‘नौकरी क्यों नहीं देना चाहती बीजेपी?’
उमंग सिंघार ने कहा कि राहुल गांधी लगातार छात्रों, युवाओं और हर वर्ग के मुद्दों को उठा रहे हैं, लेकिन बीजेपी सरकार इन सवालों को गंभीरता से नहीं ले रही। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा नौकरी चाहता है और सरकार वर्ग-1, वर्ग-2 से लेकर अतिथि शिक्षकों तक के पदों पर भर्ती कर युवाओं को रोजगार दे सकती है। सिंघार ने सवाल किया कि आखिर सरकार युवाओं को नौकरी क्यों नहीं देना चाहती? उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के बजाय युवाओं को लगातार इंतजार कराया जा रहा है।
ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरा
ओबीसी आरक्षण के 13 प्रतिशत हिस्से को होल्ड रखने के मुद्दे पर भी नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यह मामला प्रदेश के युवाओं और पिछड़े वर्ग के अधिकारों से जुड़ा हुआ है। सरकार को इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। सिंघार ने कहा, “अब समय गया, चिड़िया चुग गई खेत।”
कैलाश विजयवर्गीय के शक्कर वाले बयान पर पलटवार
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के शक्कर को लेकर दिए बयान पर भी उमंग सिंघार ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ शक्कर नहीं खाने की सलाह देने से आम जनता की समस्या खत्म नहीं होगी। सरकार को यह बताना चाहिए कि जनता को सस्ती शक्कर कब मिलेगी और महंगाई कब कम होगी। सिंघार ने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय भले शक्कर न खाने की बात करें, लेकिन असली सवाल आम जनता का है। सरकार को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
भागीरथपुरा दूषित पानी कांड पर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी मामले को लेकर भी सिंघार ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को जांच रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक करनी चाहिए। यह सिर्फ भागीरथपुरा का मामला नहीं, बल्कि पूरे इंदौर की जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।
उन्होंने सवाल किया कि अगर जांच पूरी हो चुकी है तो रिपोर्ट सार्वजनिक करने में सरकार को परेशानी क्या है। सिंघार ने कहा कि अगर जांच में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हुई है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, जिम्मेदार नेताओं और जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी तय की जानी चाहिए।
‘अधिकारी दोषी हैं तो नेता और जनप्रतिनिधि क्यों नहीं?’
उमंग सिंघार ने कहा कि भागीरथपुरा मामले में अगर अधिकारियों पर कार्रवाई होती है तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि पूरे घटनाक्रम में नेताओं और जनप्रतिनिधियों की क्या भूमिका रही। उन्होंने सवाल किया कि अगर किसी नेता या जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी बनती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? सिंघार ने कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले को विधानसभा में उठाएगी और जांच रिपोर्ट को जनता के सामने लाने की मांग करेगी।
‘युवा हनुमान है, लंका में आग लगा दी’
युवाओं के मुद्दे पर उमंग सिंघार ने सरकार को तीखे अंदाज में चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, “युवा एक होता है हनुमान और हनुमान ने अब लंका में आग लगा दी है, तो जलना है।” उनके इस बयान को बीजेपी सरकार के खिलाफ युवाओं के आक्रोश से जोड़कर देखा जा रहा है।
राहुल गांधी के दौरे से पहले कांग्रेस ने खोला मोर्चा
राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर दौरे से पहले उमंग सिंघार ने रोजगार, ओबीसी आरक्षण, महंगाई और दूषित पानी जैसे मुद्दों को लेकर बीजेपी सरकार पर हमला तेज कर दिया है। अब इन आरोपों पर बीजेपी का क्या जवाब आता है और भागीरथपुरा की जांच रिपोर्ट को लेकर सरकार क्या कदम उठाती है, इस पर सभी की नजरें हैं।
