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‘जिसे चाहूं, उसे दान दे सकता हूं, कौन रोकेगा…’, वक्फ बिल पर बोले सिब्बल, BJP का आया पलटवार!

Waqf Board Bill: निर्दलीय राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने गुरुवार को सदन में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा के दौरान कहा कि वह अपनी संपत्ति जिसे चाहें, दान दे सकते हैं; उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है. पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, “मान लीजिए मैं हिंदू हूं, मुस्लिम हूं, सिख हूं या ईसाई हूं और मेरे पास कोई संपत्ति है जिसे मैं दान में देना चाहता हूं, तो मुझे कौन रोक सकता है, कोई भी नहीं रोक सकता.”

उन्होंने कहा कि 1954 और 1995 में जो प्रावधान किए गए, उनमें कहा गया था कि केवल मुसलमान वक्फ बना (दान दे) सकते हैं. कोई और व्यक्ति अपनी प्रॉपर्टी यहां वक्फ बोर्ड को दान नहीं दे सकता. साल 2013 में जो संशोधन लाया गया, उसने इस प्रतिबंध को समाप्त कर दिया. अब इस नए संशोधन विधेयक में यह कहा गया है कि केवल मुसलमान ही वक्फ दे सकते हैं. उन्होंने ऐसे अदालती फैसलों का जिक्र किया, जहां हिंदुओं ने अपनी जमीनें विभिन्न परियोजनाओं जैसे कि कब्रिस्तान आदि के लिए दान में दी हैं.

राज्यसभा सांसद ने कहा कि आपने यह प्रावधान किया है कि जिला मजिस्ट्रेट को यह निर्णय लेने की पूरी शक्ति होगी कि कोई संपत्ति वक्फ की है या नहीं. जिला मजिस्ट्रेट इसमें क्या जांच करेगा. वह स्वयं निर्णय लेगा और उसका निर्णय अंतिम होगा.

उन्होंने कहा कि सत्तापक्ष के लोग पूछ रहे हैं कि वक्फ बोर्ड कैसे निर्णय ले सकता है, कैसे उसका निर्णय फाइनल हो सकता है? हिंदू एंडोमेंट एक्ट में जो उनका प्रबंधन है, उसका निर्णय फाइनल है. उसमें आपको कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वहीं यदि यहां वक्फ बोर्ड में ट्रिब्यूनल का निर्णय अंतिम है, तो उसमें आपको आपत्ति है.

सिब्बल की बातों का जवाब देते हुए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “आप लोग अपनी बात रखकर चले जाते हैं. सवाल रखकर चले जाते हैं, लेकिन जवाब सुनने के लिए सदन में रुकते नहीं हैं.” उन्होंने कहा कि निर्दलीय सांसद की बातों का जवाब तब देंगे जब वह सुनने के लिए सदन में मौजूद होंगे.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कपिल सिब्बल ने चार राज्यों की धार्मिक संपत्ति की वक्फ बोर्ड के साथ तुलना की है. वक्फ धार्मिक संपत्ति नहीं है.
रिजिजू ने कहा कि कपिल सिब्बल कहते हैं कि संपत्ति उनकी है, दूसरा कौन होता है कानून बनाने वाला. यदि कोई ट्रस्ट बनता है, तो ट्रस्ट को कौन चलाता है. उन्होंने पूछा कि ट्रस्ट को कौन चलाता है. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट नियम से चलता है, देश में सबके लिए एक कानून होता है.

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