कांकेर में PWD भुगतान विवाद ने पकड़ा तूल: 4.65 करोड़ के बिल, कमीशनखोरी और मारपीट के आरोपों से मचा हड़कंप

PWD payment dispute escalates in Kanker: कांकेर। भानुप्रतापपुर में लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़े करोड़ों रुपये के भुगतान, कथित कमीशनखोरी और मारपीट का मामला अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। सड़क निर्माण कंपनी और विभागीय कर्मचारी के बीच शुरू हुआ विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। एक ओर जहां ठेकेदार पक्ष ने विभागीय लेखापाल पर कमीशन मांगने और भुगतान रोकने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर लेखापाल ने ठेकेदार पक्ष पर घर में घुसकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई है।
4 करोड़ 65 लाख के भुगतान को लेकर विवाद
जानकारी के अनुसार, अंतागढ़ से नारायणपुर तक सड़क निर्माण कार्य कर रही KLA कंपनी के संचालकों ने PWD संभाग भानुप्रतापपुर में पदस्थ संभागीय लेखापाल सूरज कुमार पर 10 लाख रुपये कमीशन मांगने और करीब 4 करोड़ 65 लाख रुपये का भुगतान रोकने का आरोप लगाया है। कंपनी संचालक पवन अग्रवाल ने इस संबंध में SDOP कार्यालय में लिखित शिकायत भी दी है।
लेखापाल ने दर्ज कराई मारपीट की शिकायत
वहीं पीडब्ल्यूडी भानुप्रतापपुर में पदस्थ संभागीय लेखापाल सूरज कुमार ने भानुप्रतापपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 7 मई 2026 को फर्म कन्हैया लाल अग्रवाल के पार्टनर नवीन अग्रवाल ने उनके घर में घुसकर गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और हाथ-मुक्कों से मारपीट की।
सूरज कुमार के मुताबिक, घटना वाले दिन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रदीप कुमार वर्मा भुगतान को लेकर कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि संबंधित फाइल पहले ही कार्यपालन अभियंता को भेजी जा चुकी है और अंतिम स्वीकृति उन्हीं के स्तर पर होना है।
घर के बाहर हुआ विवाद, CCTV में कैद हुई घटना
शिकायत के अनुसार, दोपहर करीब 2:18 बजे जब सूरज कुमार कार्यालय लौटने की तैयारी कर रहे थे, तभी प्रदीप कुमार वर्मा उन्हें बुलाने पहुंचे। आरोप है कि नीचे पहुंचते ही नवीन अग्रवाल ने भुगतान को लेकर नाराजगी जताते हुए उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की।
लेखापाल ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें क्षेत्रीय टिप्पणी करते हुए धमकी दी गई और फोन पर डिवीजन में आग लगाने जैसी बातें कही गईं। उन्होंने कहा कि पूरी घटना घर में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज की पेन ड्राइव और संबंधित दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए गए हैं।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
भानुप्रतापपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296, 332(c) और 351(2) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। इस घटनाक्रम ने सड़क निर्माण कार्यों, सरकारी भुगतान प्रक्रिया और कथित कमीशनखोरी को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना होगा कि जांच केवल मारपीट तक सीमित रहती है या फिर करोड़ों रुपये के भुगतान और भ्रष्टाचार के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की जाती है।




