MP Weather News: भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में बने सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह निम्न दबाव क्षेत्र 4 सितंबर की सुबह उत्तरी मध्यप्रदेश के मध्य हिस्से और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है। इसके साथ चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है और अगले दो दिनों तक इसके लगभग एक ही क्षेत्र में बने रहने की संभावना है।
4 और 5 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश
मौसम विभाग ने 4 और 5 सितंबर को मध्यप्रदेश में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। खासतौर पर पूर्वी मध्यप्रदेश में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने के आसार हैं। इसके साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति भी बन सकती है।
6 और 7 सितंबर को भी बारिश का असर
बारिश का दौर केवल 4 और 5 सितंबर तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। पूर्वी मध्यप्रदेश में 6 और 7 सितंबर को भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 8 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद 9 और 10 सितंबर के लिए फिलहाल कोई विशेष चेतावनी नहीं दी गई है।
कहां ज्यादा असर देखने को मिल सकता है?
निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में बारिश की गतिविधियां अधिक रह सकती हैं। वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग लगातार जिला स्तर पर चेतावनियां अपडेट कर रहा है।
आकाशीय बिजली को लेकर भी सावधानी जरूरी
बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से रुकने से बचना बेहतर रहेगा। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून की सक्रियता बनी रहने वाली है। 4 से 8 सितंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि पूर्वी मध्यप्रदेश में भारी बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है।
