महिला आरक्षण पर सियासत तेज: किरेन रिजिजू का दावा- ‘शशि थरूर ने कांग्रेस को बताया महिला विरोधी’

नई दिल्ली। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर राजनीतिक घमासान के बीच केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर को लेकर बड़ा दावा किया है। रिजिजू ने कहा कि थरूर ने एक बातचीत के दौरान कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि उनकी पार्टी महिला विरोधी हो सकती है।
यह विवाद उस समय और गहरा गया जब संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पास नहीं हो सका। इस विधेयक का उद्देश्य लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाकर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना था।
रिजिजू का दावा और बयान
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में रिजिजू ने कहा कि संसद सत्र के बाद उनकी और थरूर की मुलाकात हुई थी। उनके अनुसार, थरूर ने मुस्कुराते हुए कहा था कि “कांग्रेस पार्टी भले ही महिला विरोधी हो सकती है, लेकिन कोई भी महिला मुझे महिला विरोधी नहीं मानेगी।”
रिजिजू ने कहा कि इस बयान से कांग्रेस की सोच उजागर होती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्होंने थरूर से कहा—“आपको कोई महिला विरोधी नहीं कहेगा, लेकिन आपकी पार्टी जरूर है।”
कांग्रेस पर निशाना
रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल दिखावे की राजनीति करती है और जब महिलाओं को वास्तविक अधिकार देने की बात आती है तो पीछे हट जाती है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्ष ने एक ऐतिहासिक अवसर गंवा दिया।
विवाद की शुरुआत एक तस्वीर से
दरअसल, 18 अप्रैल को शशि थरूर ने रिजिजू के साथ अपनी एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें कोई महिला विरोधी नहीं कह सकता। अब उसी बातचीत को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
महिला आरक्षण विधेयक पर मतभेद
विवाद का केंद्र महिला आरक्षण विधेयक है। सरकार का कहना है कि 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए सीटों का परिसीमन जरूरी है, जबकि कांग्रेस का तर्क है कि इसे परिसीमन से जोड़ना खासकर दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ अन्याय होगा।
रिजिजू ने चेतावनी दी कि देश की महिलाएं इस मुद्दे पर कांग्रेस को माफ नहीं करेंगी। वहीं, इस पूरे मामले ने संसद से लेकर सियासी गलियारों तक बहस को और तेज कर दिया है।




