Jabalpur-Nagpur Highway Dacoity: सिवनी: जबलपुर-नागपुर नेशनल हाईवे-44 पर एक व्यापारी से हुई करोड़ों रुपये की डकैती के मामले में सिवनी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। वारदात के बाद पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पूरे गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन में 10 विशेष पुलिस टीमों के साथ 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी जुटे रहे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया 100 फीसदी मशरूका बरामद करने का दावा किया है। बरामद सोने-चांदी के जेवरात और अन्य सामान की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 11 लाख रुपये बताई गई है।

NH-44 पर व्यापारी को बनाया निशाना

पुलिस के मुताबिक, लखनवाड़ा निवासी योगेंद्र बघेल पिछले करीब 10 वर्षों से पार्टनरशिप में गांव-देहात के साप्ताहिक हाट बाजारों में सोने-चांदी के जेवरात बेचने का काम करते हैं। 3 सितंबर की शाम करीब 6 बजे वह बंडोल बाजार से जेवरात लेकर बाइक से अपने घर लखनवाड़ा लौट रहे थे। इसी दौरान भोंगाखेड़ा गांव स्थित गीता वेयर हाउस के सामने NH-44 पर बाइक सवार बदमाशों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया।

ओवरटेक कर बाइक के सामने बदमाशों ने रोका

पीड़ित व्यापारी के मुताबिक, बदमाशों ने ओवरटेक कर उनकी बाइक के सामने अपनी मोटरसाइकिल अड़ा दी। व्यापारी कुछ समझ पाते, इससे पहले ही आरोपियों ने उनकी आंखों में मिर्ची पाउडर डाल दिया। आंखों में मिर्च पड़ने के बाद व्यापारी सड़क पर गिर गए। इसके बाद बदमाशों ने चाकू दिखाकर उन्हें धमकाया और उनके पास रखे सोने-चांदी के जेवरात और नकदी लेकर मौके से फरार हो गए।

26 किलो चांदी और 320 ग्राम सोने के जेवरात लूटे

शिकायत के मुताबिक, बदमाश व्यापारी के पास से करीब 26 किलो चांदी और 320 ग्राम सोने के जेवरात समेत नकदी लेकर भागे थे। शुरुआती तौर पर लूटे गए सामान की कीमत करीब 1 करोड़ 8 लाख रुपये बताई गई। घटना की सूचना मिलते ही बंडोल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

10 स्पेशल टीमों ने संभाला मोर्चा

वारदात की गंभीरता को देखते हुए सिवनी पुलिस अधीक्षक ने तत्काल 10 विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस ने आरोपियों के भागने के संभावित रास्तों को चिन्हित किया और सिवनी से लेकर नागपुर-जबलपुर के बीच कई इलाकों में जांच शुरू की। शहरों के साथ-साथ गांवों में भी पुलिस टीमों ने संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी।

400 से ज्यादा CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली

पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने के लिए 400 से ज्यादा स्थानों के CCTV फुटेज खंगाले। सिवनी के अलावा नागपुर, जबलपुर, कुरई, छपारा और लखनादौन सहित कई क्षेत्रों के कैमरों की रिकॉर्डिंग को बारीकी से जांचा गया। जिस रास्ते से बदमाशों के भागने की आशंका थी, उस रूट पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज को पुलिस ने एक-एक कर खंगाला।

100 से ज्यादा पुलिसकर्मी ऑपरेशन में जुटे

एक तरफ पुलिस CCTV फुटेज के जरिए संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रेस कर रही थी, वहीं दूसरी ओर अलग-अलग टीमें संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थीं। इस पूरे ऑपरेशन में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को लगाया गया। लगातार 24 घंटे की कार्रवाई के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

सभी 7 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने वारदात में शामिल सभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र उर्फ जित्तू, भूपेंद्र, योगेश, राज उर्फ आरव, दुर्गेश, आकाश और आदित्य उर्फ सिद्धू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में कुछ पहले से भी आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। आदित्य उर्फ सिद्धू के खिलाफ सबसे ज्यादा 9 अपराध दर्ज बताए गए हैं।

1 करोड़ 11 लाख का 100 फीसदी मशरूका बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया पूरा मशरूका बरामद करने का दावा किया है। बरामद सामान में 320 ग्राम सोना, 26 किलो चांदी, वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिल और सात मोबाइल फोन शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद सामान की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 11 लाख रुपये है।

रेकी और साजिश को लेकर पूछताछ जारी

सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उनसे पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि व्यापारी की रेकी कब से की जा रही थी और आरोपियों को जेवरात व नकदी के बारे में जानकारी कैसे मिली। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस वारदात की साजिश में गिरफ्तार सात आरोपियों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

अन्य वारदातों का भी हो सकता है खुलासा

पुलिस आरोपियों से अन्य चोरी, लूट और डकैती की घटनाओं को लेकर भी पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों और उनके नेटवर्क को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल सिवनी पुलिस पूरे मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।