मुंबई। महाराष्ट्र में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं के पैटर्न में कथित गड़बड़ियों और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी मांगों को लेकर छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सीटों में कटौती और कागजी कार्रवाई से नाराज बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने MPSC चेयरमैन के इस्तीफे की भी मांग की है। अब इस आंदोलन को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का समर्थन मिला है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर किया समर्थन

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर महाराष्ट्र में आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि हजारों छात्र सड़कों पर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और यह केवल किसी एक परीक्षा या भर्ती का मुद्दा नहीं है, बल्कि छात्रों का पूरे सिस्टम से भरोसा टूटने का मामला है।

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियों, शिक्षा की बढ़ती लागत, हॉस्टल की व्यवस्थाओं, भोजन की गुणवत्ता और DBT से जुड़ी शिकायतों का जिक्र करते हुए सरकार से छात्रों की आवाज सुनने और तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।

MPSC की विश्वसनीयता पर भी उठाए सवाल

राहुल गांधी ने अपने बयान में MPSC जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अपने सफल भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों की मांगों को जायज तरीके से सुना जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से तत्काल कार्रवाई करने की अपील की और कहा कि न्याय मिलने तक छात्रों की आवाज और बुलंद होगी।

4 सितंबर को छात्रों ने निकाला आक्रोश मार्च

महाराष्ट्र में अपनी मांगों को लेकर छात्रों ने 4 सितंबर को आक्रोश मार्च निकाला। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में युवा प्रदर्शन में शामिल हुए और जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने हाथों में महापुरुषों की तस्वीरें और अपनी मांगों से जुड़े पोस्टर लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवतियां भी शामिल

इस आक्रोश मार्च में बड़ी संख्या में युवतियों ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर युवाओं के नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सरकार से तत्काल समाधान की मांग की।

कलेक्टर के माध्यम से सरकार को सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शन के बाद छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर से मुलाकात की और उनके माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सामने आ रही समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया। इसके बाद विरोध मार्च जिला कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ा, जहां पहुंचने के बाद प्रदर्शन सभा में बदल गया।

छात्रों की मांगों पर सरकार के फैसले का इंतजार

MPSC परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों के बीच नाराजगी लगातार बढ़ रही है। प्रदर्शनकारी छात्र सीटों में कटौती, परीक्षा पैटर्न और कागजी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर समाधान की मांग कर रहे हैं। साथ ही MPSC चेयरमैन के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई है। अब राहुल गांधी के समर्थन के बाद यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक चर्चा में आ गया है।