इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में जमीनों पर अवैध कब्जे और अड़ीबाजी के आरोप में गिरफ्तार मुख्तियार के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर लेकर उसके कथित अवैध कब्जों की जांच की। जांच के दौरान करीब 4 करोड़ रुपये कीमत की सात संपत्तियों को सीज किया गया है।
अवैध कब्जे छोड़ने के बदले लाखों रुपये मांगने का आरोप
क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि मुख्तियार के खिलाफ जमीनों पर कब्जा करने और जमीन मालिकों से कब्जा छोड़ने के बदले लाखों रुपये मांगने की शिकायतें मिली थीं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया था। रिमांड के दौरान आरोपी को उन स्थानों पर ले जाया गया, जहां उसके द्वारा कथित तौर पर कब्जे किए गए थे।
सात संपत्तियों पर पुलिस की कार्रवाई
जांच के दौरान अवैध शेड में बने गोदाम और दुकानों से जुड़े दस्तावेज भी सामने आए। पुलिस के अनुसार, मुख्तियार के खिलाफ चार प्लॉट को लेकर FIR दर्ज थी, लेकिन जांच के दौरान तीन अन्य प्लॉट से संबंधित दस्तावेज भी मिले। इसके बाद कुल करीब सात संपत्तियों को सीज करने की कार्रवाई की गई।
आरोपी के खिलाफ करीब 35 अपराध दर्ज
पुलिस के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद भी मुख्तियार पर राधिका कुंज इलाके में जमीनों पर कब्जा करने के आरोप लगे। हाल ही में उसे जमीन मालिकों से कथित तौर पर अवैध कब्जे छोड़ने के बदले रुपये मांगने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, मुख्तियार के खिलाफ अब तक करीब 35 अपराध दर्ज हो चुके हैं।
कुछ प्लॉट 10 हजार वर्गफीट से ज्यादा
जांच में सामने आया है कि सीज की गई संपत्तियों में कुछ प्लॉट का क्षेत्रफल 10 हजार वर्गफीट से अधिक है, जबकि कुछ प्लॉट 2 हजार से 5 हजार वर्गफीट के बीच हैं। पुलिस अब इन संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
नगर निगम और राजस्व विभाग से मांगी जाएगी जानकारी
डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि संपत्तियों के संबंध में नगर निगम और राजस्व विभाग से भी जानकारी ली जाएगी। संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस तरह की अड़ीबाजी और गुंडागर्दी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
