MP Latest News: भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार किसानों के कल्याण, उनकी आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में किसानों को खेती-किसानी के कामों के लिए दिन में 10 घंटे बिजली दी जा रही है। वहीं, कृषि उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने के उद्देश्य से सिवनी में जल्द ही फूड पार्क की स्थापना की जाएगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंत्रालय से सिवनी जिले के सिमरिया मंडी प्रांगण में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रबी फसलों की सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे निर्बाध बिजली मिलने से किसानों को रात में खेतों की सिंचाई करने की मजबूरी से राहत मिलेगी। सरकार किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने, कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने और उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

धान पंजीयन की अंतिम तारीख 4 नवंबर तक बढ़ाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धान उपार्जन का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों की सुविधा और अधिक से अधिक पात्र किसानों को समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने का अवसर देने के उद्देश्य से पंजीयन की अंतिम तिथि 4 नवंबर तक बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रहे।

सिवनी में जल्द बनेगा फूड पार्क

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिवनी जिले का जीराशंकर चावल अपनी विशिष्ट सुगंध और स्वाद के कारण अलग पहचान रखता है। वहीं, बड़े आकार और मिठास से भरपूर जंबो सीताफल भी जिले की विशेष पहचान बन रहा है। इसके अलावा टमाटर, मिर्च, अलसी, सरसों और सूरजमुखी की खेती में भी किसानों के लिए अच्छी संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन होने से किसानों को बेहतर कीमत मिल सकेगी। इसी उद्देश्य से सिवनी में जल्द ही फूड पार्क स्थापित किया जाएगा। इससे कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी विकसित होंगे। मुख्यमंत्री ने जिले के जेवनारा मत्स्य बीज प्रक्षेत्र की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि मत्स्य बीज उत्पादन से किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

2026 किसान कल्याण वर्ष, खेती के साथ आय के दूसरे स्रोतों पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य खेती-किसानी को अधिक लाभकारी बनाने के साथ किसानों को आय के अतिरिक्त स्रोतों से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक फसलों के साथ दलहन, तिलहन, उद्यानिकी और नकदी फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि किसान बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन कर सकें और कृषि जोखिम को कम कर सकें। सरकार कृषि को उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने के अवसर विकसित कर रही है।

मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना पर खर्च होंगे 10 हजार करोड़

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना की जानकारी देते हुए कहा कि ग्रामीण आबादी क्षेत्र की संपत्तियों का सर्वेक्षण कर पात्र हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख और रजिस्ट्री उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना के तहत प्रदेश के लगभग 60 लाख से अधिक ग्रामीणों को उनकी पट्टे की संपत्ति का पक्का अधिकार दिलाने के लिए राज्य सरकार अपने खजाने से 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी।

उन्होंने कहा कि संपत्ति का विधिवत अधिकार मिलने से ग्रामीण अपनी संपत्ति का स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर इसके आधार पर बैंक से ऋण लेकर आर्थिक गतिविधियों को भी आगे बढ़ा सकेंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में फिर शुरू हुई सुगम बस सेवा

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत शासकीय सुगम बस सेवा दोबारा शुरू कर दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी और लोगों को परिवहन के सुलभ साधन उपलब्ध हो सकेंगे।

उन्नत खेती करने वाले किसानों का किया उत्साहवर्धन

बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने किसान क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन किसानों को नई जानकारियों, आधुनिक तकनीकों और कृषि नवाचारों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं से खेती में वैज्ञानिक पद्धतियों और नई तकनीकों को अपनाकर कृषि को रोजगार का प्रभावी माध्यम बनाने की अपील की।

कार्यक्रम को बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद भारती पारधी, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव और सिवनी विधायक दिनेश राय ने भी संबोधित किया। इस दौरान जिले के अग्रणी किसानों ने कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों में किए जा रहे नवाचारों के अनुभव साझा किए।

कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को दी आधुनिक तकनीकों की जानकारी

बलराम कृषि महोत्सव में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत फसल उत्पादन और कृषि से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी। वहीं, विभागीय योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी स्टॉलों के माध्यम से किसानों को कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं, पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई गई।