भोपाल: केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश में खाली हुई राज्यसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा के साथ ही भाजपा में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सीट पर करीब साढ़े तीन साल का कार्यकाल शेष होने के कारण कई नेता दावेदारी पेश कर रहे हैं। स्थानीय नेताओं से लेकर राष्ट्रीय स्तर के चेहरों तक के नाम चर्चा में हैं। अब सभी की निगाहें भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं।
राज्यसभा सीट के लिए मध्य प्रदेश भाजपा के कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, पार्टी के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक आशीष अग्रवाल, पूर्व उपाध्यक्ष विनोद गोटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरुआ और पूर्व मंत्री रंजना बघेल शामिल हैं। हालांकि, इनमें से किसी के नाम पर अभी आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के नाम भी चर्चा में
स्थानीय दावेदारों के अलावा राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के नाम भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और वंती श्रीनिवासन के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि भाजपा नेतृत्व मध्य प्रदेश के किसी नेता को मौका देता है या राष्ट्रीय स्तर के किसी चेहरे को राज्यसभा भेजने का फैसला करता है।
केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर टिकी निगाहें
एल. मुरुगन की जगह किसे राज्यसभा भेजा जाएगा, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। टिकट के लिए दावेदारी और राजनीतिक चर्चाओं के बीच अंतिम फैसला भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। उपचुनाव के जरिए चुने जाने वाले सदस्य को मुरुगन के शेष कार्यकाल के लिए जिम्मेदारी मिलेगी। फिलहाल, पार्टी के संभावित उम्मीदवार को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं।
