नई दिल्ली: INDIA ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ज्ञानेश कुमार को बचा रही है और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि लाखों लोग मुख्य चुनाव आयुक्त से सवाल पूछ रहे हैं और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की आवाजाही पर रोक और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश कर रही है। उनके मुताबिक, लोग सवाल उठा रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार जितना अधिक मुख्य चुनाव आयुक्त को संरक्षण देगी, विपक्ष उतनी ही मजबूती से इस मामले को उठाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य देश के सामने यह मुद्दा रखना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को बचा रही है। हालांकि, ये राहुल गांधी की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
दिल्ली को किले में तब्दील करने का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है और लोगों को राजधानी पहुंचने से रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेन और बसों की आवाजाही में भी बाधाएं डाली जा रही हैं। राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती होनी चाहिए, ताकि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो सके। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मियों में से कई लोग उनके आंदोलन को सही मानते हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग कथित वोट चोरी और लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने में भूमिका निभा रहे हैं। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि पुलिस, ITBP, CRPF और देश की जनता का एक बड़ा हिस्सा उनके पक्ष में है। उनके बयान पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
CJI को पत्र लिखकर चुनाव की निष्पक्षता पर जताई चिंता
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उन्होंने मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत को पत्र लिखकर लोकतंत्र और चुनाव की निष्पक्षता से जुड़ी चिंताओं से अवगत कराया था। उनके मुताबिक, सीजेआई की ओर से जवाब मिला और उन्हें याचिका दायर करने का निर्देश दिया गया।
राहुल गांधी ने कहा कि INDIA ब्लॉक के नेता उनके साथ सुप्रीम कोर्ट जाकर संबंधित मुद्दों पर याचिका दायर करेंगे। विपक्ष की प्रमुख मांगों में कथित वोट चोरी रोकना, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक लगाना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल है।
‘सरकार के 200 अधिकारी हमारे संपर्क में हैं’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने दावा किया कि केंद्र सरकार के 200 अधिकारी उनके संपर्क में हैं और उन्हें जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि वह इस पद पर ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएंगे। राहुल गांधी के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों या सरकार की प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
CJI सूर्यकांत ने मुलाकात से किया था इनकार
गौरतलब है कि राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सीजेआई से मुलाकात के लिए समय मांगा था। वे उन्हें ज्ञापन सौंपकर कथित वोट चोरी, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दे उठाना चाहते थे।
इससे पहले सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उन्हें मुलाकात के अनुरोध से संबंधित पत्र मिला था और उन्होंने उसी रात जवाब दे दिया था। उन्होंने मुलाकात नहीं कर पाने के कारण भी स्पष्ट किए थे। साथ ही कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुले हैं और कानून के तहत दायर याचिकाओं पर उचित कार्रवाई की जाएगी। अब INDIA ब्लॉक की ओर से प्रस्तावित मार्च और संबंधित मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट में दायर होने वाली याचिका पर आगे की घटनाओं पर नजर रहेगी।
