भोपाल: मध्य प्रदेश के बुधनी क्षेत्र के कोसमी गांव में वन विभाग की बुलडोजर कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कार्रवाई से प्रभावित आदिवासी परिवारों से मुलाकात की। आरोप है कि वन विभाग ने गरीब परिवारों के घर तोड़ने के साथ मक्के और तुअर की फसलें भी नष्ट कर दीं। सिंचाई और पेयजल के लिए इस्तेमाल होने वाले कुएं को भी मिट्टी से भर दिया गया। प्रभावित परिवारों की स्थिति देखकर शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई और मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल से फोन पर बात की। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीहोर के वन मंडल अधिकारी (DFO) मगन सिंह डाबर को हटाकर उनकी जगह अर्चना पटेल को नियुक्त कर दिया।

कोसमी गांव पहुंचकर शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने मौके से ही मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन कर कार्रवाई पर नाराजगी जताई। साथ ही भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी पूरे मामले की जानकारी दी।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी चर्चा करेंगे, ताकि प्रभावित परिवारों को न्याय मिल सके। उन्होंने वन विभाग और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर मौजूद नहीं होने पर भी सवाल उठाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही।

प्रभावित परिवारों के लिए बनेंगे नए घर

शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि जिन लोगों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाने का प्रयास किया जाएगा। जब तक घरों की व्यवस्था नहीं होती, तब तक उनके रहने और खाने की अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात भी कही।

उन्होंने कहा कि कार्रवाई से परिवारों की आजीविका और भविष्य पर असर पड़ा है। उजड़ी फसलों और प्रभावित परिवारों की स्थिति की पूरी जानकारी मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएगी, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।

‘मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश लगती है’

शिवराज सिंह चौहान ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, “यह तो मुख्यमंत्री जी को भी बदनाम करने की साजिश लगती है मुझे।” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों की कार्रवाई से पार्टी की छवि खराब करने की कोशिश हो रही है।

शिवराज के मुताबिक, प्रभावित परिवार लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा को वोट देते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन परिवारों का जमीन पर वर्षों से कब्जा होने के कारण उन्हें परेशान नहीं करने का अनुरोध पहले भी किया गया था।

बरेला समुदाय के आदिवासी परिवारों पर हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, बुधनी क्षेत्र के कोसमी गांव में बरेला समुदाय के आदिवासी परिवार वन विभाग की कार्रवाई से प्रभावित हुए हैं। शिवराज सिंह चौहान ने इस कार्रवाई को ‘जुल्म की पराकाष्ठा’ बताया। मामले में घरों को तोड़े जाने, फसलों के नुकसान और कुएं को मिट्टी से भरने के आरोपों को लेकर प्रभावित परिवारों ने अपनी परेशानी सामने रखी है।

सीहोर के DFO मगन सिंह डाबर हटाए गए

मामले को लेकर शिवराज सिंह चौहान की नाराजगी के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रशासनिक कार्रवाई की। सीहोर के वन मंडल अधिकारी मगन सिंह डाबर को पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह अर्चना पटेल को नया DFO नियुक्त किया गया है। अब प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, नए घरों की व्यवस्था और फसलों व अन्य नुकसान के संबंध में प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।