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वक्फ बिल पर ‘फाइनल मैच’, संसद में पास होते ही देश में क्या-क्या बदल जाएगा.. क्यों विरोध में मुसलमान!

केंद्र सरकार वक्फ संशोधन विधेयक पर विपक्ष को बहुत ज्यादा वॉकओवर देने के मूड में नहीं है शायद इसीलिए इसे जल्द ही कानून देने की जुगत में है. इसी कड़ी में अब इसे लोकसभा में पास कराने की पूरी तैयारी में है. इस विधेयक का मुस्लिम संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है. विपक्षी दलों का मानना है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों पर सरकारी दखल को बढ़ावा देगा. इससे धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों पर असर पड़ सकता है. वहीं सरकार इसे पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधार की दिशा में उठाया गया कदम बता रही है. आइए यह समझते हैं कि संसद में पास हुआ तो क्या-क्या बदल जाएगा.

असल में सरकार ने बुधवार को लोकसभा में इस विधेयक को पेश करने का फैसला किया है. इसके बाद गुरुवार को इसे राज्यसभा में पारित कराने का प्लान है. हालांकि विपक्षी दलों के विरोध को देखते हुए सदन में तीखी बहस होने की संभावना है. विपक्ष ने इस विधेयक को संविधान विरोधी और अल्पसंख्यक विरोधी करार दिया है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस पर लंबी चर्चा की मांग की थी लेकिन सरकार ने केवल आठ घंटे की बहस का समय तय किया है. इस फैसले से नाराज विपक्ष ने संसद की कार्यवाही का बहिष्कार न करने और पूरी मजबूती से बहस में भाग लेने का निर्णय लिया है.

अगर संसद की बात करें तो बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के पास लोकसभा में 293 सांसदों का समर्थन है जो बहुमत से अधिक है. राज्यसभा में भी एनडीए के पास बहुमत है जिससे विधेयक का पारित होना लगभग तय माना जा रहा है. यह बाद भी सही है कि शुरुआती दौर में टीडीपी, जेडीयू और एलजेपी ने कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताई थी लेकिन सरकार द्वारा उनके सुझावों को शामिल करने के बाद उन्होंने विधेयक का समर्थन करने का फैसला किया है. दूसरी ओर विपक्ष इसे धार्मिक विभाजन बढ़ाने वाला कानून बता रहा है.

 

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