टेक्‍नोलॉजी

स्कूटर की बिक्री ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड, मोटरसाइकिल को छोड़ा पीछे!

भारत में स्कूटर की बिक्री एक बार फिर पुराने स्तरों को पार करने के लिए तैयार है और यह मोटरसाइकिल की तुलना में तीन गुना तेजी से बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2024-25 के पहले 11 महीनों (अप्रैल से फरवरी) में स्कूटर की बिक्री 16.6% बढ़कर लगभग 6.3 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा 6.7 मिलियन यूनिट के प्री-पैंडेमिक रिकॉर्ड को पार कर सकता है। वहीं मोटरसाइकिल की बिक्री सिर्फ 5% बढ़कर 11.2 मिलियन यूनिट रही जो इस श्रेणी में सुस्ती को दर्शाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, स्कूटर की इस तेजी के पीछे कई कारण हैं जिनमें नई लॉन्चिंग, बढ़ते डिस्काउंट और इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में वृद्धि प्रमुख हैं। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, स्कूटर की बिक्री वित्त वर्ष 2025 में 7 मिलियन यूनिट तक पहुंच सकती है। वहीं मोटरसाइकिल सेगमेंट की मांग में गिरावट आई है खासकर एंट्री-लेवल मोटरसाइकिल्स की बिक्री पर वित्तीय चुनौतियों का असर पड़ा है। पिछले दो वर्षों में मोटरसाइकिल का कुल बाजार में हिस्सा 63.1% से घटकर 60.7% रह गया है।

इलेक्ट्रिक स्कूटर की मांग तेजी से बढ़ रही है। OLA इलेक्ट्रिक, बजाज ऑटो, TVS मोटर और एथर एनर्जी जैसी कंपनियों ने नए स्कूटर लॉन्च किए हैं, जिससे बाजार में हलचल मची हुई है। 2024 में कुल 1.15 मिलियन (11.5 लाख) इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिके, जो पूरे टू-व्हीलर बाजार का 6.3% है। सरकार की ‘PM E-ड्राइव’ योजना के तहत 10,000 रुपये तक की सब्सिडी मिलने से भी लोग ज्यादा इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीद रहे हैं।

TVS मोटर ने स्कूटर बिक्री में जबरदस्त बढ़त बनाई है। अप्रैल से फरवरी के बीच इसकी बिक्री 23% बढ़ी, जबकि मार्केट लीडर होंडा (HMSI) की ग्रोथ सिर्फ 12% रही। खासतौर पर TVS के नए मॉडल जुपिटर 110 को लोगों ने खूब पसंद किया, जिससे कंपनी को बड़ा फायदा हुआ। दूसरी ओर, होंडा एक्टिवा की बिक्री फरवरी 2025 में 13% कम हो गई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्कूटर की यह बढ़ती मांग आगे भी बनी रह सकती है, जिससे टू-व्हीलर बाजार में बड़े बदलाव हो सकते हैं।

Related Articles

Back to top button