रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा कदम, RBI के साथ MOU से दिल्ली के वित्तीय ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव
Delhi Latest News: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली ने सोमवार को वित्तीय प्रशासन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया।

Delhi Latest News: नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली ने सोमवार को वित्तीय प्रशासन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया। दिल्ली सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिससे राजधानी को पहली बार पूर्ण आरबीआई बैंकिंग फ्रेमवर्क प्राप्त होगा।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक विशेष बैठक में एमओयू पर हस्ताक्षर
इस समझौते से दिल्ली सरकार की दशकों पुरानी वित्तीय चुनौतियों के समाधान का रास्ता खुलेगा। इसके साथ ही फिस्कल डिसिप्लिन, पारदर्शिता और इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास के एक नए युग की शुरुआत होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, जिनके पास वित्त विभाग का भी प्रभार है, ने दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक विशेष बैठक में इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए। बैठक में आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारी, दिल्ली के मुख्य सचिव राजीव वर्मा और अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) बिपुल पाठक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
रेखा गुप्ता ने समझौते को “दिल्ली के वित्तीय शासन में क्रांतिकारी सुधार” बताया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस समझौते को “दिल्ली के वित्तीय शासन में क्रांतिकारी सुधार” बताते हुए कहा कि देश की राजधानी होने के बावजूद दिल्ली को वर्षों तक आरबीआई की संरचित बैंकिंग सुविधाओं और बाजार से सस्ते उधार के विकल्पों से वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने न तो सरप्लस फंड का समुचित निवेश किया और न ही लागत-कुशल उधारी व्यवस्था अपनाई। परिणामस्वरूप अतिरिक्त नकदी बेकार पड़ी रही, जिससे ब्याज आय का नुकसान हुआ और महंगे स्रोतों से उधार लेकर जनता पर अनावश्यक बोझ डाला गया। मुख्यमंत्री ने कहा, “आज हमने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है।”
आरबीआई से वेज एंड मीन्स एडवांस और स्पेशल ड्रॉइंग फैसिलिटी की सुविधा मिलेगी
एमओयू के तहत अब दिल्ली सरकार के सरप्लस फंड का आरबीआई के माध्यम से रोजाना स्वचालित निवेश किया जाएगा, जिससे ब्याज आय में बढ़ोतरी होगी और फंड के निष्क्रिय पड़े रहने की समस्या खत्म होगी। इसके अलावा, आरबीआई से वेज एंड मीन्स एडवांस और स्पेशल ड्रॉइंग फैसिलिटी की सुविधा मिलेगी, जिससे अस्थायी कैश फ्लो मिसमैच को बिना महंगे उधार के आसानी से संभाला जा सकेगा।
ब्याज लागत में बड़ी बचत होने की उम्मीद
समझौते के अनुसार, दिल्ली सरकार अब स्टेट डेवलपमेंट लोन के जरिए ओपन मार्केट से लगभग 7% की ब्याज दर पर फंड जुटा सकेगी। इससे पहले दिल्ली को अन्य स्रोतों से 12-13% की ऊंची ब्याज दर पर उधार लेना पड़ता था। इस कदम से ब्याज लागत में बड़ी बचत होने की उम्मीद है। इसके साथ ही दिल्ली अब विधानसभा वाले अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के समकक्ष आ गई है और आरबीआई के पेशेवर बैंकिंग, कैश मैनेजमेंट और डेट मैनेजमेंट सिस्टम का लाभ उठा सकेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह सुधार केंद्र सरकार के साथ निरंतर समन्वय का परिणाम
रेखा गुप्ता ने बताया कि यह सुधार केंद्र सरकार के साथ निरंतर समन्वय का परिणाम है। दिसंबर 2025 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक में दिल्ली की फिस्कल स्वायत्तता और वित्तीय ढांचे के आधुनिकीकरण पर विस्तार से चर्चा की गई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार जताते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में दिल्ली को राष्ट्रीय वित्तीय नियमों के अनुरूप एक स्वतंत्र और मजबूत बैंकिंग फ्रेमवर्क मिला है।




