Petrol-Diesel: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल सस्ता: नए वित्त वर्ष से VAT में कटौती, उद्योगों को बड़ी राहत
Petrol-diesel cheaper in Chhattisgarh: नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ राज्य सरकार ने पेट्रोल और हाईस्पीड डीजल पर वैट में कटौती लागू कर दी है।

Petrol-diesel cheaper in Chhattisgarh: रायपुर। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ राज्य सरकार ने पेट्रोल और हाईस्पीड डीजल पर वैट में कटौती लागू कर दी है। 1 अप्रैल से प्रभावी इस फैसले में टैक्स दरों में करीब 1% की कमी की गई है। इससे पेट्रोल-डीजल की कीमत में एक रुपए की कमी आएगी।
वाणिज्यिक कर विभाग की अधिसूचना के मुताबिक पेट्रोल पर वैट अब 24% (साथ में 2 रुपए प्रति लीटर) और डीजल पर 23% (साथ में 1 रुपए प्रति लीटर) कर दिया गया है। पहले ये दरें लगभग 1% अधिक थीं। इस कटौती से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में औसतन 0.70 से 1.20 रुपए प्रति लीटर तक की कमी आने का अनुमान है।
आम उपभोक्ताओं के स्तर पर यह राहत ज्यादा असरदार नहीं दिखेगी। बाइक और कार चलाने वालों के लिए महीने भर में कुल बचत करीब 100 से 300 रुपए के बीच ही सीमित रहने की संभावना है। इसके पीछे वजह यह है कि ईंधन की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार और बेस प्राइस का प्रभाव ज्यादा रहता है, जिससे वैट में मामूली कटौती का असर सीमित हो जाता है।
इसके उलट, सरकार ने उद्योगों के लिए बड़ा कदम उठाते हुए बल्क में डीजल खरीद पर वैट घटाकर सीधे 17% कर दिया है, जो पहले करीब 23-24% के बीच था। यानी बड़े उपभोक्ताओं को 4 से 6 रुपए प्रति लीटर तक सस्ता डीजल मिलेगा। यह राहत निर्माण, खनन और परिवहन सेक्टर के लिए अहम है, जहां डीजल लागत का प्रमुख हिस्सा होता है। इस फैसले से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में आएगी तेजी
पेट्रोल-डीजल की दरों में की गई कटौती केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला एक बड़ा कदम है। विशेषज्ञों के मुताबिक इसके दूरगामी प्रभाव होंगे। इससे अर्थव्यवस्था और विकास पर सीधा असर पड़ेगा क्योंकि निर्माण सामग्री और परिवहन की लागत कम होने से सड़क, पुल और बांध जैसी बड़ी परियोजनाओं के काम में गति आएगी।
डीजल पर कर की दर 17% तक सीमित होने से विनिर्माण क्षेत्र के निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ एक आकर्षक केंद्र बनेगा ।आम आदमी को राहत: पेट्रोल और सामान्य डीजल की कीमतों में कमी से परिवहन सस्ता होगा, जिससे महंगाई पर लगाम लगेगी और आम नागरिक की बचत बढ़ेगी।




