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डबरा में नवग्रह शक्तिपीठ प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का शुभारंभ, निकली भव्य कलश यात्रा, नरोत्तम मिश्रा ने कहा- धार्मिक ऊर्जा का होगा संचार

डबरा। विश्व के प्रथम नवग्रह शक्तिपीठ की प्राण-प्रतिष्ठा का भव्य शुभारंभ सोमवार को श्रद्धा और उत्साह के माहौल में हुआ। नगर में निकाली गई विशाल कलश यात्रा ने डबरा को आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति के रंगों में रंग दिया। यह आयोजन 10 से 20 फरवरी तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश के संत-महात्मा, कथावाचक और सांस्कृतिक विभूतियां भाग लेंगी।

सुबह से ही डबरा नगर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। महिलाओं की पारंपरिक पोशाक में सजी-धजी झांकी समान कलश यात्रा जब सड़कों पर उतरी, तो नगर का हर कोना भक्ति से गूंज उठा। बताया गया कि इस यात्रा में एक लाख से अधिक मातृ शक्तियों ने भाग लिया, जिन्होंने अपने सिर पर कलश रखकर नवग्रह शक्तिपीठ तक पदयात्रा की।

कलश यात्रा स्टेडियम ग्राउंड से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई शक्तिपीठ स्थल तक पहुंची। यात्रा के दौरान जगह-जगह स्थानीय नागरिकों और संस्थाओं ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया, पुष्पवर्षा की गई और धार्मिक भजनों से वातावरण को गुंजायमान किया गया।

यात्रा की अगुवाई शनि उपासक संत दाती महाराज और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने की। दोनों ही संत-महात्माओं की उपस्थिति में आस्था और श्रद्धा का ऐसा दृश्य बना जिसने डबरा को अध्यात्म का केंद्र बना दिया।

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने नवग्रह शक्तिपीठ की दिव्यता का अनुभव किया। मंच से संबोधित करते हुए डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का विश्वस्तरीय उत्सव है। उन्होंने कहा कि “डबरा आज से केवल एक नगर नहीं, बल्कि आस्था का वैश्विक तीर्थ बन गया है। आने वाले वर्षों में यह स्थान अध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा।”

उन्होंने बताया कि 10 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में देश-विदेश के अनेक संत-महात्मा और विद्वान हिस्सा लेंगे। इनमें पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम), पंडित प्रदीप मिश्रा (सीहोर), कवि कुमार विश्वास, देवकीनंदन ठाकुर, आचार्य बालकृष्ण, और अन्य अनेक प्रसिद्ध आध्यात्मिक हस्तियां शामिल हैं।

इस अवधि में शिव महापुराण कथा, काव्य संध्या, दिव्य दरबार, और विशाल यज्ञ अनुष्ठान प्रतिदिन आयोजित किए जाएंगे। यज्ञशाला में प्रतिदिन एक लाख आहुतियों के माध्यम से धार्मिक ऊर्जा का संचार होगा। आयोजन स्थल पर भक्तों की सुविधा के लिए चिकित्सा, सुरक्षा, भोजन और आवास की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

आयोजन समिति के अनुसार, यह महाआयोजन भारतीय सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रसार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे न केवल डबरा बल्कि पूरा ग्वालियर-चंबल अंचल आस्था के नए युग की शुरुआत का साक्षी बनेगा।

दस दिनों तक चलने वाला यह नवग्रह शक्तिपीठ प्राण-प्रतिष्ठा समारोह डबरा को न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान दिलाने वाला ऐतिहासिक पर्व साबित होगा।

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