MP News: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का बड़ा बयान, कहा- ‘हनुमान, बाली, सुग्रीव गौंड-कोल-कोरकू आदिवासी थे’

MP Latest News: भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर अंधभक्ति और इतिहास को नकारने का आरोप लगाते हुए कहा है कि भगवान श्रीराम के वनवास काल में साथ देने वाली वानर सेना आदिवासी परंपरा से जुड़ी थी और यह बात केवल मान्यता नहीं बल्कि आदिवासी समाज के धार्मिक ग्रंथों में दर्ज ऐतिहासिक तथ्य है।
तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखता हूं: सिंघार
उमंग सिंघार ने कहा कि वे हमेशा प्रमाण, इतिहास और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखते हैं, न कि अंधविश्वास या राजनीतिक सुविधा के अनुसार। उन्होंने गोंड धर्म के ग्रंथ सद्विचार के पृष्ठ संख्या 10 का हवाला देते हुए बताया कि उसमें स्पष्ट उल्लेख है कि बाली, सुग्रीव, अंगद और महावीर हनुमान जैसे वानर वीर गोंड, कोल और कोरकू समाज से जुड़े धर्म योद्धा थे।
रामायण में उल्लेख शबरी भील समाज से थीं
सिंघार ने माता शबरी का उदाहरण देते हुए कहा कि रामायण में स्वयं वर्णित है कि शबरी भी भील समाज से थीं, जिनके प्रेमपूर्वक दिए बेर भगवान राम ने स्वीकार किए थे। यह आदिवासी समाज के योगदान और सम्मान का प्रमाण है।
होमो सेपियंस शब्द यह बताता था है कि मानव की उत्पत्ति वानर वंश से हुई
उमंग सिंघार ने विज्ञान का हवाला देते हुए कहा कि मानव विकास की प्रक्रिया भी इस सांस्कृतिक सत्य की पुष्टि करती है। होमो सेपियंस शब्द यह संकेत देता है कि मानव की उत्पत्ति वानर वंश से जुड़ी विकासात्मक प्रक्रिया से संबंधित है, जो कोई राजनीतिक बयान नहीं बल्कि वैज्ञानिक निष्कर्ष है।
बीजेपी को दी चुनौती
नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे ईमानदारी से इतिहास और धर्मग्रंथों के पन्ने पलटें, तो इन तथ्यों को झूठ कहने का साहस नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा यह मानने को तैयार नहीं है कि हनुमान जी सहित वानर सेना आदिवासी परंपरा से जुड़ी थी, तो उन्हें गोंड समाज से उनके धर्मग्रंथों के बारे में पूछना चाहिए।
सिंघार ने कहा कि किसी भी समुदाय के इतिहास को नकारना केवल अज्ञानता नहीं बल्कि उस समाज के अस्तित्व और सम्मान का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बार-बार आदिवासी समाज की ऐतिहासिक भूमिका को कमतर दिखाने का प्रयास कर रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।




