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Middle East Conflict: मिडिल ईस्ट में टोटल कितने देश, इनमें से किन-किन देशों पर ईरान ने बरसाए मिसाइल

Middle East Conflict: मध्य-पूर्व में अभूतपूर्व सैन्य टकराव ने पूरे क्षेत्र को युद्ध की दहलीज पर ला खड़ा किया है। अमेरिका और Israel ने ईरान पर बड़े पैमाने पर संयुक्त सैन्य अभियान चलाया।

Middle East Conflict: तेहरान: मध्य-पूर्व में अभूतपूर्व सैन्य टकराव ने पूरे क्षेत्र को युद्ध की दहलीज पर ला खड़ा किया है। अमेरिका और Israel ने ईरान पर बड़े पैमाने पर संयुक्त सैन्य अभियान चलाया। अमेरिकी अभियान को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और इजरायल ने अपने ऑपरेशन को ‘लायन्स रोर’ नाम दिया।

बताया जा रहा है कि हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei सहित उनके परिवार के कई सदस्य और कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर मारे गए।

ईरान की जवाबी कार्रवाई: 9 देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले

हमलों के बाद Iran ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी और सहयोगी ठिकानों को निशाना बनाया।

इजरायल

ईरान ने Israel के तेल अवीव और यरूशलेम सहित कई सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। इजरायली रक्षा प्रणाली ‘आयरन डोम’ और ‘एरो’ ने अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने का दावा किया।

सऊदी अरब

Saudi Arabia की राजधानी रियाद, पूर्वी प्रांत और किंग फहद एयर बेस को निशाना बनाने की कोशिश की गई।

कतर

Qatar में अमेरिकी सैन्य अड्डे अल उदैद पर 65 मिसाइलें और 12 ड्रोन दागे जाने की पुष्टि की गई।

बहरीन

Bahrain की राजधानी मनामा स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाया गया।

कुवैत

Kuwait के अली अल-सालेम एयर बेस और कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को ड्रोन और मिसाइल हमलों से निशाना बनाया गया।

संयुक्त अरब अमीरात

United Arab Emirates की राजधानी अबू धाबी और दुबई में मिसाइलें दागी गईं। कई हमलों को बीच में ही निष्क्रिय करने का दावा किया गया।

जॉर्डन

Jordan ने दो मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया।

इराक

Iraq में उत्तरी क्षेत्र स्थित अमेरिकी ठिकानों और इरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया।

ओमान

Oman के दुकम कमर्शियल पोर्ट पर ड्रोन हमले की खबर सामने आई।

पूरे क्षेत्र में बढ़ा तनाव

इन घटनाओं के बाद पूरे मध्य-पूर्व में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयम बरतने की अपील की है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि हालात काबू में नहीं आए तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।

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