रिश्वतखोरी में दोषी श्रम निरीक्षक सुरेश कुर्रे बर्खास्त, 3 साल की सजा के बाद सरकार की बड़ी कार्रवाई
CG Raipur News: छत्तीसगढ़ सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए रिश्वत मांगने के मामले में दोषी पाए गए श्रम निरीक्षक सुरेश कुर्रे को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

CG Raipur News: रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए रिश्वत मांगने के मामले में दोषी पाए गए श्रम निरीक्षक सुरेश कुर्रे को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विशेष न्यायालय द्वारा 3 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाए जाने के बाद श्रम विभाग ने यह कार्रवाई की।
यह मामला वर्ष 2019 का है, जब जशपुर जिले में पदस्थ रहते हुए सुरेश कुर्रे पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। आरोप था कि उन्होंने छत्तीसगढ़ अभिनंदन एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी, कोतबा द्वारा संचालित मेशन जनरल एवं असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन कोर्स के 320 प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण कार्य के एवज में राशि की मांग की थी। संस्था के संचालक रमेश कुमार यादव ने 26 सितंबर 2019 को एंटी करप्शन ब्यूरो, बिलासपुर में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
जांच में आरोप सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत अपराध क्रमांक 25/2019 दर्ज किया गया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) जशपुर की अदालत में हुई। विशेष प्रकरण क्रमांक 01/2021 में 26 नवंबर 2025 को न्यायालय ने सुरेश कुर्रे को दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
न्यायालय का फैसला श्रमायुक्त के संज्ञान में आने के बाद कार्यालय श्रमायुक्त, छत्तीसगढ़ ने 15 जनवरी 2026 को आदेश जारी कर सुरेश कुर्रे की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी। सेवा समाप्ति के समय उनकी पदस्थापना श्रम पदाधिकारी कार्यालय, जिला कोण्डागांव में थी।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




