Free Gas Cylinder: होली और दिवाली पर मिलेगा फ्री गैस सिलेंडर, सरकार का बड़ा फैसला, सीधे खाते में आएगी रकम
Free Gas Cylinder: नई दिल्ली। दिल्लीवासियों के लिए त्योहारों से पहले बड़ी राहत की खबर है। महंगाई के दौर में जहां रसोई का बजट आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है, वहीं दिल्ली सरकार ने होली और दिवाली को लेकर एक अहम फैसला लिया है। अब राजधानी की महिलाओं को इन दोनों बड़े त्योहारों पर फ्री गैस सिलेंडर मिलेगा। खास बात यह है कि सिलेंडर सीधे नहीं, बल्कि उसकी कीमत सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसी तरह की परेशानी न हो।
दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने मंगलवार को इस योजना को औपचारिक मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसके लिए 300 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दी गई। यह योजना भाजपा के चुनावी संकल्प पत्र में किए गए वादे का हिस्सा थी, जिसे अब जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद संबंधित विभाग को आदेश भेजे जाएंगे, ताकि लाभार्थियों की सूची तैयार कर भुगतान प्रक्रिया शुरू की जा सके।
होली पर पहला लाभ
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, होली के अवसर पर पहला मुफ्त सिलेंडर दिया जाएगा। इसके लिए सिलेंडर की पूरी राशि सीधे महिलाओं के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाएगी। आगामी चार मार्च को होली का पर्व मनाया जाएगा और इससे पहले ही दिल्ली में रहने वाली महिलाओं के खातों में यह रकम ट्रांसफर कर दी जाएगी। इस योजना का लाभ उन महिलाओं को मिलेगा, जिनके पास वैध राशन कार्ड है और जो सरकार द्वारा तय की गई पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं।
दिवाली पर दूसरी किस्त
साल का दूसरा मुफ्त सिलेंडर दिवाली के मौके पर दिया जाएगा। यानी हर साल दिल्ली सरकार दो बड़े त्योहारों पर महिलाओं को गैस सिलेंडर की आर्थिक मदद देगी। इससे न सिर्फ घरेलू खर्च में राहत मिलेगी, बल्कि त्योहारों की तैयारियां भी बिना एक्स्ट्रा बोझ के हो सकेंगी।
महिलाओं को सीधा फायदा
सरकार का मानना है कि यह योजना खासतौर पर मध्यम और निम्न आय वर्ग की महिलाओं के लिए मददगार साबित होगी। बढ़ती एलपीजी कीमतों के बीच यह फैसला महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। दिल्ली सरकार का दावा है कि योजना को पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ मिल सके।




