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Bandhavgarh Tiger Reserve : आदमखोर बाघ का गांव में हमला, महिला की मौत, 4 घायल; रेस्क्यू किए गए हाथी E-5 को जंगल में छोड़ा गया

Bandhavgarh Tiger Reserve News : उमरिया। मध्यप्रदेश के उमरिया जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और उसके आसपास के इलाकों से रविवार को दो बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। एक ओर पनपथा रेंज में एक आदमखोर बाघ ने गांव में घुसकर हमला कर दिया, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और चार ग्रामीण घायल हो गए। वहीं दूसरी ओर, शहडोल से रेस्क्यू किए गए जंगली हाथी E-5 को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सैटेलाइट कॉलर पहनाकर वापस जंगल में छोड़ दिया गया है।

दो घरों में घुसा बाघ, गांव में मची अफरा-तफरी

जानकारी के अनुसार, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा रेंज अंतर्गत ग्राम खेरवा टोला में सुबह तड़के एक बाघ जंगल से निकलकर आबादी वाले इलाके में पहुंच गया। बाघ एक-एक करके दो घरों में घुस गया और वहीं डेरा डाल दिया।

अचानक हुए इस हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।

गुस्साए ग्रामीणों ने रेंजर पर किया हमला

घटना से नाराज ग्रामीणों की भीड़ ने मौके पर पहुंचे वन विभाग के रेंजर पर हमला कर दिया। हमले में रेंजर के सिर पर गंभीर चोट आई है। घायल रेंजर को इलाज के लिए मानपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया है और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।

जंगली हाथी E-5 का सफल रेस्क्यू

उमरिया से दूसरी बड़ी खबर बांधवगढ़ के खितौली वन परिक्षेत्र से सामने आई है। पिछले कई दिनों से दक्षिण शहडोल वन मंडल के केशवाही परिक्षेत्र के रिहायशी इलाकों में एक जंगली हाथी की मौजूदगी से ग्रामीणों में डर का माहौल था।

बांधवगढ़ की रेस्क्यू टीम ने दक्षिण शहडोल वन मंडल के रामपुर बीट क्षेत्र में चार दिनों की कड़ी मेहनत के बाद हाथी E-5 का सुरक्षित रेस्क्यू किया।

सैटेलाइट कॉलर से होगी निगरानी

वन विभाग ने देर रात हाथी का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसके बाद उसे वापस जंगल में छोड़ दिया गया। हाथी की गतिविधियों और लोकेशन पर नजर रखने के लिए उसके गले में सैटेलाइट कॉलर लगाया गया है।

रेस्क्यू अभियान सफल होने के बाद शहडोल वन मंडल के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

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