मध्‍यप्रदेश

समान नागरिक संहिता पर जनता से सुझाव लेगी उच्च स्तरीय समिति, 15 जून तक दे सकेंगे राय

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में समान नागरिक संहिता (UCC) मध्यप्रदेश की वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता के संबंध में प्रदेशभर से सुझाव प्राप्त करने की यह पहल सराहनीय है और जनमत संग्रह के लिए तैयार की गई वेबसाइट इस दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति जिलों का भ्रमण कर नागरिकों से सीधे सुझाव प्राप्त करेगी, जिससे आमजन की भागीदारी सुनिश्चित होगी। उन्होंने समिति के सदस्यों को वेबसाइट निर्माण के लिए बधाई देते हुए इसे ऐतिहासिक पहल बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी की पहल पर राज्यों में समान नागरिक संहिता को लेकर कार्य प्रारंभ हुआ है। स्वतंत्रता के बाद से ही इस प्रकार के कानून की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। पारिवारिक कानूनों के समग्र अध्ययन और नागरिक हितों की सुरक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश “एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान” की भावना को समझते हुए अब “एक विधि” की दिशा में भी अपने दायित्व का निर्वहन करेगा। यह पूरी तरह जनहितैषी पहल है।

राज्य शासन द्वारा विवाह, भरण-पोषण, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार और परिवार से जुड़े अन्य कानूनों के विधिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन कर समान नागरिक संहिता के संबंध में अनुशंसाएं तैयार की जाएंगी। इसी उद्देश्य से उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।

समिति द्वारा जन परामर्श के लिए तैयार की गई वेबसाइट पर नागरिक अपने सुझाव आसानी से दे सकेंगे। सुझाव देने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है।

कार्यक्रम में समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्ष प्रकाश रचना देसाई ने वर्चुअली संबोधित किया। समिति के सचिव अजय कटेसरिया ने समिति के कार्यों की जानकारी दी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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