गांधीसागर जलाशय में बढ़ता खतरा: पर्यटन बढ़ा, लेकिन सुरक्षा इंतजाम नाकाफी

Growing danger in Gandhi Sagar reservoir: मंदसौर। गांधीसागर जलाशय में जिस तरह से पर्यटन गतिविधियां बढ़ रही है उसके साथ ही हादसों का खतरा भी बढ़ता ही जा रहा है। खासकर जल से जुड़ी गतिविधियों में पर्यटकों की सुरक्षा के माकूल उपाय नहीं है। यहां एक तरह से कहा जाए कि भगवान भरोसे ही है तो भी कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।
अभी यहां बोट क्लब से एक मिनी क्रूज, 12 से 14 सीटर बोट, स्पीड बोट से पर्यटकों को जलाशय में घुमाया जाता है। पर अगर जबलपुर जैसा हादसा हो जाए तो इनके पास भी प्रशासन को सूचना देने के अलावा कोई आकस्मिक कार्ययोजना नहीं है। वहीं एसडीआरएफ की टीम 150 किमी दूर मंदसौर में रहती है। जिसमें मौके पर पहुंचने में कम से कम तीन घंटे लग सकते हैं।
अपने निर्माण के समय एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील रही गांधीसागर में अब पर्यटन गतिविधियां बढ़ रही है। यहां अभयारण्य में चीते आने, जंगल सफारी शुरु होने के साथ ही पर्यटन विकास निगम ने ठहरने के लिए अच्छा। रिसोर्ट भी बनाया है। इसके चलते अब पर्यटक आने लगे हैं।
पर्यटन विकास निगम ने ही बोर्ट क्लब भी प्रारंभ किया है जिसमें स्पीड बोट, 12 से 14 सीटर बोट व छोटे क्रूज मालवा क्वीन से पर्यटकों को जलाशय में भ्रमण कराया जा रहा है। पर नावों में सवार होने वाले लोगों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। केवल लाइफ जैकेट ही है पर यह भी उतने अच्छे नहीं है कि डूब रहे लोगों को बचा सके। जबकि बोट क्लब से लेकर भ्रमण करने वाली सभी जगह पर जलाशय की गहराई लगभग 80 से 150 फीट तक है।
इसी क्षेत्र में मगरमच्छ व अन्य जलीय जीव भी है। इसके अलावा केवल लाइफ जेकेट के सहारे ही लोगों की सुरक्षा है। अगर बरगी जैसा कोई हादसा यहां हो जाए तो तत्काल रेस्क्यू के लिए भी पर्यटन विकास निगम के पास कोई व्यवस्था नहीं है। एसडीआरएफ की टीम भी जिला मुख्यालय मंदसौर में रहती है जो कि गांधीसागर से 150 किमी दूर है। कोई एक्सपर्ट भी उनके पास नहीं है।
गांधीसागर जलाशय में होते रहते हैं हादसे
गांधीसागर जलाशय लगभग 60 वर्ग किमी में फैला हुआ है। इसके अलावा चंबल नदी का बेकवाटर भी दूर-दूर तक फैला हुआ है। चंबल नदी में कई जगह एक गांव से दूसरे गांव जाने के लिए स्टीमर का भी उपयोग किया जा रहा है। इनमें भी कई बार हादसे होते रहते हैं। यह भी असुरक्षित परिवहन है जो ग्रामीण कम समय में पहुंचने के लालच में प्रतिदिन कर रहे हैं।




