CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव खारिज, पद पर बने रहेंगे

New Delhi Latest News: नई दिल्ली | राज्यसभा के सभापति ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (CEC) के खिलाफ पेश किए गए महाभियोग प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है। विपक्ष ने सीईसी को हटाने की मांग की थी। 193 सांसदों द्वारा महाभियोग का प्रस्ताव पेश किया गया था। महाभियोग के प्रस्ताव खारिज होने के बाद अब ज्ञानेश कुमार अपने पद पर बने रहेंगे और उनके खिलाफ कोई कानूनी जांच या प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
193 सांसदों ने लगाए थे गंभीर आरोप
विपक्षी दलों के 193 सांसदों ने एकजुट होकर मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग की थी। 12 मार्च को पेश किए गए इस प्रस्ताव में ज्ञानेश कुमार पर 7 गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिनमें पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण रवैया, दुर्व्यवहार, चुनावी धोखाधड़ी और वोट देने का अधिकार छीनना जैसे आरोप थे।
SIR प्रक्रिया को लेकर उठाए थे सवाल
विपक्षी दलों ने खासकर बिहार और पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न यानी SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे। उनका दावा था कि इस प्रक्रिया के चलते कई वोटरों का वोट देने का अधिकार छीन गया। यह भी कहा कि CEC ने कुछ राजनीतिक दलों का पक्ष लेते हुए पक्षपातपूर्ण तरीके से काम किया। इन आरोपों के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला भी दिया गया। बीजेपी की मदद करने के आरोपों को भी नोटिस में शामिल किया गया।
विपक्ष का कहना था कि SIR प्रक्रिया का उद्देश्य केंद्र में सत्ताधारी पार्टी को लाभ पहुंचाना था। इसमें चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग की गई थी।




