मुंबई: कांग्रेस की 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली के दौरान पार्टी के दो सांसदों के बीच हुई कथित घटना को लेकर विवाद सामने आया है। कांग्रेस के कुछ पदाधिकारियों ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, केसी वेणुगोपाल और महाराष्ट्र प्रभारी सिरिवेला प्रसाद को ईमेल भेजकर शिकायत की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि रामटेक के कांग्रेस सांसद श्याम कुमार बर्वे ने बस में चढ़ते समय चंद्रपुर की सांसद प्रतिभा धनोरकर को थप्पड़ मारा। शिकायतकर्ताओं ने इस मामले में पार्टी नेतृत्व से अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

शिकायत के मुताबिक, 1 नवंबर को कई कांग्रेस सांसद बस से रामलीला मैदान में आयोजित रैली में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान बस में हुई एक घटना का करीब 10 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में रामटेक सांसद श्याम कुमार बर्वे अपने पास बैठी चंद्रपुर सांसद प्रतिभा धनोरकर को हल्का थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं।

पार्टी की छवि खराब होने का आरोप

पार्टी पदाधिकारियों की ओर से भेजे गए ईमेल में कहा गया है कि कांग्रेस लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों और महिलाओं के सम्मान की रक्षा की बात करती है। ऐसे में पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों का इस तरह का व्यवहार संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है और जनता के बीच गलत संदेश दे सकता है।

वरिष्ठ नेताओं से कार्रवाई की मांग

शिकायत में कहा गया है कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं की जाती। पदाधिकारियों ने पार्टी नेतृत्व से मामले का संज्ञान लेकर संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने और महिला नेताओं के सम्मान को लेकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उम्मीद जताई गई है कि मल्लिकार्जुन खड़गे इस मामले में जरूरी कदम उठाएंगे।

वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?

वायरल हो रहे करीब 10 सेकंड के वीडियो में कई कांग्रेस सांसद बस में बैठे दिखाई देते हैं। इसी दौरान श्याम कुमार बर्वे अपनी सीट से खड़े होते हैं और बगल में बैठी प्रतिभा धनोरकर को हल्का थप्पड़ मारते नजर आते हैं। शुरुआत में धनोरकर कोई प्रतिक्रिया नहीं देतीं, लेकिन कुछ देर बाद वह बर्वे की ओर गुस्से से देखती दिखाई देती हैं। वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस के भीतर इस घटना को लेकर शिकायत की गई।

प्रतिभा धनोरकर ने बताया मजाक का हिस्सा

इस मामले पर प्रतिभा धनोरकर ने कैमरे के सामने प्रतिक्रिया देने से इनकार किया। हालांकि, उन्होंने बताया कि सांसद आपस में मजाक कर रहे थे और यह घटना भी उसी हंसी-मजाक का हिस्सा थी। उन्होंने मीडिया से इस मामले को गंभीरता से नहीं लेने की बात कही है।

अब वीडियो वायरल होने और पार्टी पदाधिकारियों की ओर से शिकायत किए जाने के बाद इस मामले में कांग्रेस का वरिष्ठ नेतृत्व क्या रुख अपनाता है, इस पर नजर रहेगी। इससे पहले एसआईआर को सही बताने वाले बयान को लेकर भी कांग्रेस के एक मंत्री ने सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि उनकी बात को गलत समझा गया।